अलाउद्दीन आलम शाह का इतिहास (#अलाउद्दीनहसनशाहकाइतिहास) | Alauddin Alam Shah ka itihas |

 

ऐतिहासिक स्रोत

तारीख ए मुबारकशाही ग्रंथ

तारीख ए मुबारकशाहीग्रन्थ, सैय्यद वंश के दूसरे शासक सुल्तान मुबारक शाह को समर्पित है तथा इस ग्रंथ की रचना याहिया बिन अहमद सरहिंदी के द्वारा, मुबारक शाह के शासनकाल में ही की गई थी। तारीख ए मुबारकशाही ग्रन्थ में, सैय्यद वंश के इतिहास की विस्तृत रूप से चर्चा की गई है जिसमें अनेक तथ्यों को सरल तरीके से समझाया गया है ।

अलाउद्दीन आलम शाह का इतिहास

*अलाउद्दीन आलम शाह का मूल नाम अलाउद्दीन हसन शाह था ।

*अलाउद्दीन आलम शाह को सैय्यद वंश का अंतिम शासक माना जाता है ।

*अलाउद्दीन आलम शाह ने 1443 में दिल्ली की सत्ता ग्रहण की परंतु अयोग्य शासक होने के कारण उसकी सत्ता ज्यादा वर्षों तक नहीं चली ।

*1447 में अलाउद्दीन आलम शाह तथा वजीर हुसाम खां के मध्य मतभेद हो गए और इसी मतभेद के चलते अलाउद्दीन आलम शाह, दिल्ली का सिंहासन छोड़ कर बदायूं चले गए ।

*दिल्ली का सिंहासन छोड़ने से पहले अलाउद्दीन आलम शाह ने दिल्ली की सत्ता वजीर हुसाम खां के नेतृत्व में अपने दोनों सालों, शाहना शहर और अमीर कोहथे को सौंप दी थी ।

*1447 से 1450 के मध्य शाहना शहर और अमीर कोहथे ने दिल्ली की सत्ता संभाली परंतु 1450 के अंत में दोनों के मध्य मतभेद हो गए और दिल्ली की जनता ने दोनों को सिंहासन से उतारकर, बहलोल लोदी को दिल्ली का नया शासक बना दिया था ।

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